Last Updated 05:01 (24/05/11)
हांसी. स्थानीय कोर्ट ने स्वामी अग्निवेश के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायिक दंडाधिकारी अश्वनी कुमार महता की अदालत ने सोमवार को समाजसेवी प्रवीन तायल की ओर से डाली गई पीआईएल पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए। लेकिन अभी तक स्वामी अग्निवेश का सर काटकर लाने वाले को १० लाक का इनाम दिए जाने की घोषणा करने वाले संगठन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रवीन तायल ने सोमवार को याचिका में आरोप लगाया था कि स्वामी अग्निवेश ने अलगाववादियों के सुर में सुर मिलाया है और श्रीनगर में बयान जारी कर अमरनाथ यात्रा को धर्म के नाम पर पाखंड करार दिया। तायल ने कहा कि इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और स्वामी अग्निवेश ने अमरनाथ गुफा पर शिवलिंग पिघलने की प्रक्रिया को ग्लोबल वार्मिग से जोड़ा है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
तायल की ओर से दायर याचिका की पैरवी करते हुए सीनियर एडवोकेट प्रवीन मित्तल ने कोर्ट से कहा कि ऐसे में स्वामी अग्निवेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295 व 295ए के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्वामी अग्निवेश के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए।
हाल ही में हिंदू संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा की उत्तर प्रदेश इकाई ने समाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के सर 10 लाख का इनाम रखा। अग्निवेश ने हाल ही में अमरनाथ यात्रा को लेकर को तीखी टिप्पणी की थी। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने कहा है कि अग्निवेश ने अमरनाथ यात्रा पर टिप्पणी करके विभाजनकारी तत्वों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे को ऐसे लोगों से दूर रहने की जरूरत है। उन्होंने अग्निवेश का सिर काटकर लाने वाले को १० लाख रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की। लेकिन प्रशासन ने अभी तक इस तरह की घोषणा करने वाले नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
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New Delhi: The Supreme Court on Monday made it clear that the Central Bureau of Investigation (CBI) has to probe into the alleged misappropriation of the National Rural Employment Guarantee Act (NREGA) funds in Orissa. 