Friday, May 6, 2011

जाटों ने दलितों के घर जलाए




भारत के एक उत्तरी राज्य हरियाणा में तथाकथित उच्च जाति जाट समुदाय के कुछ लोगों ने तथाकथित निम्न जाति बाल्मीकि समुदाय के एक गाँव में बुधवार को बीस से ज़्यादा घरों को आग लगा दी.
जाट समुदाय के लोग हाल ही में हुई एक हत्या के मामले में पुलिस की धीमी कार्रवाई पर नाराज़ थे.
यह घटना सोनीपत ज़िले के गोहाना गाँव में हुई. यह ज़िला दिल्ली की सीमा से मिलता है.
500 से भी ज़्यादा जाट गोहाना में बुधवार दोपहर को एक प्रार्थना भवन में इकट्ठा हुए.
वे लोग गढवाल गाँव के एक उच्च जाति के व्यक्त मंजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस की 'धीमी कार्रवाई' कार्रवाई पर विरोध जताने के लिए एकत्र हुए थे. उनका आरोप है कि पुलिस इस मामले में समुचित कार्रवाई नहीं कर रही है.
आरोप लगाया जाता है कि मंजीत सिंह की हत्या दो सप्ताह पहले कुछ बाल्मीकि युवकों ने की थी.
जब जाट लोग इकट्ठा हुए तो उनमें ग़ुस्सा भी बढ़ता गया और आनन-फानन में वे बाल्मीकि समुदाय की बस्तियों की तरफ़ बढ़ने लगे और बस देखते ही देखते बीस से ज़्यादा घरों में आग लगा दी.
भीड़ आग लगाने के बाद भाग गई. वहाँ क़रीब 150 बाल्मीकि परिवार रहते हैं लेकिन आग से कोई हताहत नहीं हुआ. वे परिवार आग लगाए जाने से पहले ही वहाँ से कहीं और चले गए थे.
हालाँकि वहाँ पर कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे लेकिन भारी भीड़ के सामने वे कुछ नहीं कर पाए.
शाम होते-होते और पुलिस बल बुलाया गया और गोहाना तहसील में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई.
राज्य सरकार के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है.

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