Thursday, March 7, 2013

वो चुप रही ......उसने कहा भाव खाती है

तुम अगर लड़कों से दोस्ती करोगी , उनके साथ घूमोगी , फिरोगी तो लोग तुम्हे चरित्रहीन कहेंगे!
तुम अगर अकेले पिक्चर देखने जोगी, अकेले होटल में खाना खाने जाओगी , अकेले जंगलों की ख़ाक छानती फिरोगी तो लोग तुम्हे पागल आवारा कहेंगे!
अगर तुम डिस्को जाओगी, छोटे कपडे पहनोगी तो लोग तुम्हे संस्कारहीन कहेंगे!
अगर तुम किसी से नहीं बात करोगी, हंसने मुस्कुराना तक छोड़ दोगी , पुरुष वर्ग से कोई मेल जोल नहीं रखोगी। कोई पार्टी नहीं करोगी तो भी लोग तुम्हे खडूस , मनहूस ,नीरस कहेंगे!
अगर तुम केवल लड़कियों से दोस्ती करोगी, सलवार कुरता पहनोगी, शाम सात बजे के बाद लोगों को नज़र नहीं आओगी ( भले ही तुम इन लोगों के कारण अपनी इच्छाएं दबाये घर में दांत कचकचाती बैठी रहो) तो भी कुछ लोग तुम्हे बहन जी, दब्बू ,आउट डेटेड कह ही डालेंगे!

कुल मिलाकर ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ संसार में जिसने सभी को खुश कर दिया हो! तुम लड़की हो तो समाज में अपना काम धंधा छोड़कर तुम्हारा ठेका लेने वाले हज़ारों बैठे हैं!

तो क्या किया जाए ?

किया ये जाए कि वैसे जियो जैसे तुम्हारा दिल करता है और वो करो जो तुम्हारी नज़रों में सही है ! अगर तुम्हारे जीने के अंदाज़ से किसी को पेट में दर्द होता है तो हुआ करे, सौ बार हुआ करे! उनके दर्द की दवा तुम नहीं बनोगी! कभी नहीं ...

1 comment:

  1. सार्थक अभिव्यक्ति।
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार (9-3-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

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