Saturday, March 31, 2012

सनी लियोन की निंदा न करें: जस्टिस काटजू

मंगलवार, 10 जनवरी, 2012 को 15:16 IST तक के समाचार
सनी लियोन
सनी लियोन को कई फ़िल्मों में काम करने का प्रस्ताव भी मिला है
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि अमरीकी पॉर्न स्टार सनी लियोन के अतीत के लिए उनकी निंदा नहीं करनी चाहिए.
रियलिटी शो 'बिग बॉस' से चर्चा में आईं सनी लियोन को लेकर बहुत से लोगों ने आपत्ति जताई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू ने कहा कि सनी लियोन अमरीका में जिस तरह से कमा रही थीं वह उस देश में स्वीकार्य है हालांकि भारत में इसे स्वीकार नहीं किया जाता.
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से जारी किए गए एक बयान में उन्होंने कहा, ''अगर भारत में उनका व्यवहार सामाजिक रूप से स्वीकार्य है और यहां के नैतिक मूल्यों का उल्लंघन नहीं करता तो हमें उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत नहीं करना चाहिए.''
बयान के अनुसार सनी के बिग बॉस में शामिल होने के ख़िलाफ़ ब्रॉडकास्टर्स कंज्यूमर्स कंप्लेंट काउंसिल (बीसीसीसी) को शिकायत की गई थी. लेकिन काउंसिल ने कार्रवाई नहीं की तो शिकायत सूचना और प्रसारण मंत्रालय को की गई जिसकी एक प्रति प्रेस परिषद को भी भेजी गई थी.

'भारत में व्यवहार ठीक'

"उनके सामने ऐसा कुछ भी नहीं पेश किया गया है जिससे यह स्पष्ट होता हो कि सनी भारत में पॉर्नॉग्राफ़ी में संलग्न हैं. इसलिए हमें उनके अतीत को लेकर उनकी निंदा नहीं करना चाहिए"
जस्टिस काटजू
जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा, ''उनके सामने ऐसा कुछ भी नहीं पेश किया गया है जिससे यह स्पष्ट होता हो कि सनी भारत में पॉर्नॉग्राफ़ी में संलग्न हैं. इसलिए हमें उनके अतीत को लेकर उनकी निंदा नहीं करना चाहिए.''
उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध नगर वधु आम्रपाली के साथ रहे और उनके हाथों दिया भोजन खाया. बाद में वह उनकी शिष्या बन गई थीं.
काटजू ने कहा कि इसी प्रकार से ईसा मसीह ने मैरी को अपने पांव धोने की अनुमति दी और बाद में वह उनकी अनुयायी बन गईं.
उन्होंने कहा, ''हर संत-महात्मा का एक अतीत होता है और हर पापी का एक भविष्य होता है.''
काटजू ने कहा, "भारतीय खुले विचारों के और उदारवादी होते हैं और हमें इस मामले को उसी स्वभाव से ही लेना चाहिए."
http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/01/120110_justice_leone_ac.shtml

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