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Tuesday, October 23, 2012

जेएनयू में गोमांस, सूअर मांस महोत्सव नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट

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जेएनयू में गोमांस, सूअर मांस महोत्सव नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
जेएनयू में गोमांस, सूअर मांस महोत्सव नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
नई दिल्ली| दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और दिल्ली पुलिस से यह सुनिश्चित कराने के लिए कहा कि परिसर में 28 सितम्बर को गोमांस और सूअर मांस महोत्सव न होने पाए। विश्वविद्यालय के छात्रों के एक संगठन ने 28 सितम्बर को गोमांस और सूअर मांस महोत्सव आयोजित करने की योजना घोषित की थी।

कार्यवाहक न्यायाधीश ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला की खण्डपीठ ने कहा, "जेएनयू और पुलिस को यह सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया जाता है कि 28 सितम्बर को और भविष्य में कोई भी गोमांस व सूअर मांस महोत्सव न होने पाए।"

न्यायालय का यह निर्देश राष्ट्रीय गोरक्षा सेना की एक याचिका पर सामने आया है। इस संस्था ने याचिका में जेएनयू को यह निर्देश देने की मांग की थी कि छात्र संगठनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और गोमांस व सूअर मांस या कोई भी ऐसी चीज परोसने की अनुमति न दी जाए, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों।
प्रस्तावित गोमांस व सूअर मांस महोत्सव को लेकर दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उसके बाद जेएनयू प्रशासन ने 17 सितम्बर को किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए हस्तक्षेप किया और विद्यार्थियों को इस तरह के किसी आयोजन के खिलाफ चेतावनी दी।

केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव मेहरा ने जेएनयू की ओर जारी एक सर्कुलर अदालत में पेश किया, जिसमें विद्यार्थियों को परिसर में गोमांस लाने, खाने या पकाने के खिलाफ चेतावनी दी गई है। इस बारे में गोवध निरोधी कानून का हवाला दिया गया है।

गोमांस महोत्सव के विरोध में सड़क पर आए संत

फैजाबाद, दिल्ली के जेएनयू में आयोजित गोमांस महोत्सव को लेकर भड़की चिंगारी धीरे-धीरे शोला बनती जा रही है। सोमवार को अयोध्या में संतों-महंतों ने बैठक कर केंद्र सरकार से महोत्सव पर रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अन्यथा की स्थिति में अयोध्या के संत-महंत दिल्ली कूच के लिए विवश होंगे। दूसरी ओर इस मुद्दे पर जनमानस का ध्यान आकर्षित कराकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए फैजाबाद नागरिक समाज के बैनर तले कैंडिल मार्च निकाला गया।
अयोध्या में चौबुर्जी मंदिर के महंत बृजमोहन दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में विशिष्ट अतिथि स्वामी रामदिनेशाचार्य व राजगोपाल मंदिर के महंत कौशल किशोर शरण फलाहारी सहित संतों-महंतों ने दिल्ली के जेएनयू में आयोजित गोमांस महोत्सव को देश की पहचान खोने वाला आयोजन बताया है। कहा गया कि भगवान ने भी अवतार लेने के समय यह नहीं सोचा होगा कि उनकी जन्मभूमि पर गौ माता की हत्या और समारोहपूर्वक उनका मांस परोसा जाएगा। केंद्र सरकार से आयोजन पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी गयी कि यदि रोक न लगी तो अयोध्या के संत-महंत दिल्ली कूच को विवश होंगे। बैठक को जगदगुरु रामदिनेशाचार्य, महंत सियाराम दास, रामगोपाल शरण, सर्वेश्वर दास, महंत हरभजन दास, महंत कृष्णकुमार दास आदि शामिल रहे। बैठक का संचालन पवन कुमार दास शास्त्री ने किया।
फैजाबाद में नागरिक समाज के बैनर तले समाजसेवी भागीरथ पचेरीवाला के संयोजन में कैंडिल मार्च निकालकर गोमांस महोत्सव के विरुद्ध नगरवासियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया। नरेंद्रालय से गांधी पार्क तक हुए मार्च में नगर पालिका अध्यक्ष विजय गुप्ता, दिनेश अग्रहरि, प्रकाश गुप्ता, श्रीप्रकाश पाठक, गनेश जायसवाल, अन्नू जायसवाल, राकेश जायसवाल, वेद राजपाल, अशोक अग्रवाल सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
फैजाबाद, दिल्ली के जेएनयू में आयोजित गोमांस महोत्सव को लेकर भड़की चिंगारी धीरे-धीरे शोला बनती जा रही है। सोमवार को अयोध्या में संतों-महंतों ने बैठक कर केंद्र सरकार से महोत्सव पर रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अन्यथा की स्थिति में अयोध्या के संत-महंत दिल्ली कूच के लिए विवश होंगे। दूसरी ओर इस मुद्दे पर जनमानस का ध्यान आकर्षित कराकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए फैजाबाद नागरिक समाज के बैनर तले कैंडिल मार्च निकाला गया।
अयोध्या में चौबुर्जी मंदिर के महंत बृजमोहन दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में विशिष्ट अतिथि स्वामी रामदिनेशाचार्य व राजगोपाल मंदिर के महंत कौशल किशोर शरण फलाहारी सहित संतों-महंतों ने दिल्ली के जेएनयू में आयोजित गोमांस महोत्सव को देश की पहचान खोने वाला आयोजन बताया है। कहा गया कि भगवान ने भी अवतार लेने के समय यह नहीं सोचा होगा कि उनकी जन्मभूमि पर गौ माता की हत्या और समारोहपूर्वक उनका मांस परोसा जाएगा। केंद्र सरकार से आयोजन पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी गयी कि यदि रोक न लगी तो अयोध्या के संत-महंत दिल्ली कूच को विवश होंगे। बैठक को जगदगुरु रामदिनेशाचार्य, महंत सियाराम दास, रामगोपाल शरण, सर्वेश्वर दास, महंत हरभजन दास, महंत कृष्णकुमार दास आदि शामिल रहे। बैठक का संचालन पवन कुमार दास शास्त्री ने किया।
फैजाबाद में नागरिक समाज के बैनर तले समाजसेवी भागीरथ पचेरीवाला के संयोजन में कैंडिल मार्च निकालकर गोमांस महोत्सव के विरुद्ध नगरवासियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया। नरेंद्रालय से गांधी पार्क तक हुए मार्च में नगर पालिका अध्यक्ष विजय गुप्ता, दिनेश अग्रहरि, प्रकाश गुप्ता, श्रीप्रकाश पाठक, गनेश जायसवाल, अन्नू जायसवाल, राकेश जायसवाल, वेद राजपाल, अशोक अग्रवाल सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

फैजाबाद, दिल्ली के जेएनयू में आयोजित गोमांस महोत्सव को लेकर भड़की चिंगारी धीरे-धीरे शोला बनती जा रही है। सोमवार को अयोध्या में संतों-महंतों ने बैठक कर केंद्र सरकार से महोत्सव पर रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अन्यथा की स्थिति में अयोध्या के संत-महंत दिल्ली कूच के लिए विवश होंगे। दूसरी ओर इस मुद्दे पर जनमानस का ध्यान आकर्षित कराकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए फैजाबाद नागरिक समाज के बैनर तले कैंडिल मार्च निकाला गया।
अयोध्या में चौबुर्जी मंदिर के महंत बृजमोहन दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में विशिष्ट अतिथि स्वामी रामदिनेशाचार्य व राजगोपाल मंदिर के महंत कौशल किशोर शरण फलाहारी सहित संतों-महंतों ने दिल्ली के जेएनयू में आयोजित गोमांस महोत्सव को देश की पहचान खोने वाला आयोजन बताया है। कहा गया कि भगवान ने भी अवतार लेने के समय यह नहीं सोचा होगा कि उनकी जन्मभूमि पर गौ माता की हत्या और समारोहपूर्वक उनका मांस परोसा जाएगा। केंद्र सरकार से आयोजन पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी गयी कि यदि रोक न लगी तो अयोध्या के संत-महंत दिल्ली कूच को विवश होंगे। बैठक को जगदगुरु रामदिनेशाचार्य, महंत सियाराम दास, रामगोपाल शरण, सर्वेश्वर दास, महंत हरभजन दास, महंत कृष्णकुमार दास आदि शामिल रहे। बैठक का संचालन पवन कुमार दास शास्त्री ने किया।
फैजाबाद में नागरिक समाज के बैनर तले समाजसेवी भागीरथ पचेरीवाला के संयोजन में कैंडिल मार्च निकालकर गोमांस महोत्सव के विरुद्ध नगरवासियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया। नरेंद्रालय से गांधी पार्क तक हुए मार्च में नगर पालिका अध्यक्ष विजय गुप्ता, दिनेश अग्रहरि, प्रकाश गुप्ता, श्रीप्रकाश पाठक, गनेश जायसवाल, अन्नू जायसवाल, राकेश जायसवाल, वेद राजपाल, अशोक अग्रवाल सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।