कड़वी बाते , लेकिन सच्ची बाते
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अछूत कोन थे द्वारा डॉ बाबा साहिब आंबेडकर
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अछूत कोन थे द्वारा डॉ बाबा साहिब आंबेडकर
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Wednesday, May 4, 2011
अध्याय 13 : ब्राह्मण शाकाहारी क्यों बने?
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एक समय था जब ब्राह्मण सब से अधिक गोमांसाहारी थे। कर्मकाण्ड के उस युग में शायद ही कोई दिन ऐसा होता हो जब किसी यज्ञ के निमित्त गो वध न होता हो...
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अध्याय 12 : गैर ब्राह्मणों ने गोमांस खाना कब छोड़ा?
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साम्प्रदायिक दृष्टि से हिन्दू या तो शूद्र होते हैं या वैष्णव, उसी तरह शाकाहारी होते हैं या मांसाहारी। मांसाहारी में भी दो वर्ग हैं, १) जो मा...
अध्याय 10 : गोमांस भक्षण - छुआछूत का मूलाधार
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अब बात की जाय जनसंख्या आयुक्त के प्रपत्र की संख्या १० की, जो गोमांस खाने से सम्बन्धित है। जनसंख्या के परिणामों से पता चलता है कि अछूत जातियो...
Tuesday, April 26, 2011
अध्याय 11 : क्या हिन्दू कभी गोमांस नहीं खाते थे?
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प्रत्येक हिन्दू इस प्रश्न का उत्तर में कहेगा नहीं, कभी नहीं। मान्यता है कि वे सदैव गौ को पवित्र मानते रहे और गोह्त्या के विरोधी रहे। उनके ...
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अध्याय 16 : छितरे लोग अछूत कब बने?
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अभी तक यह बात सिद्ध हो चुकी है कि एक समय था जब भारत के प्रत्येक गाँव के दो हिस्से होते थे। एक गाँव के भीतर बसे हुए लोगों का हिस्सा, और दूसरा...
अध्याय 15 : अपवित्र और अछूत
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कट्टर रूढ़िवादियों का कहना है कि अस्पृश्यता अत्यंत प्राचीन काल से चली आ रही है। क्योंकि अस्पृश्यता के बारे में न सिर्फ़ स्मृतियों में दिया ह...
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अध्याय 14 : गोमांस भक्षण से छितरे व्यक्ति अछूत कैसे बने?
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जब ब्राह्मणों तथा अब्राह्मणों ने गोमांस त्याग दिया तो एक नई स्थिति पैदा हो गई। जिसमें सिर्फ़ छितरे लोग ही गोमांस भक्षण कर रहे थे। यदि गोमांस...
अध्याय 9 : बौद्धों का अपमान - छुआछूत का मूलाधार
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१८७० से चार जनगणनाओं मे धार्मिक आधारों पर ही लोगों को वर्गीकृत किया जाता था। मगर १९१० में पहली बार नया तरीका अपनाया गया और हिन्दुओ को तीन वर...
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अध्याय 8: छुआछूत की व्यवसायजन्य उत्पत्ति
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श्री स्टैनली राइस के इस सिद्धान्त के अनुसार छुआछूत का कारण अछूतों के गंदे और अपवित्र पेशों से उपजता है। ये सिद्धान्त तार्किक लगता है। मगर इस...
अध्याय 7: छुआछूत की उत्पत्ति का आधार - नस्ल का अन्तर
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समाज शास्त्री स्टैनली राइस के मतानुसार अस्पृश्यता दो बातों से उत्पन्न हुई; नस्ल और पेशा। दोनों बातों पर अलग अलग विचार करना होगा, इस अध्याय म...
अध्याय 6: छितरे लोगों की अलग बस्तियां अन्यत्र कैसे विलुप्त हो गईं?
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आदिम समाज रक्त सम्बन्ध पर आधारित कबायली समूह था मगर वर्तमान समाज नस्लों के समूह में बदल चुका है। साथ ही साथ आदिम समाज खानाबदोश जातियों का बन...
अध्याय 5 : क्या ऐसे समानान्तर मामले हैं?
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जी हाँ, आयरलैंड और वेल्स में भी इस तरह की घटनाएं घटी हैं। आयरलैंड के गाँवो के संगठन के बारे में जानकारी सर हेनरी मेन की किताब अर्ली हिस्ट्री...
अध्याय 4: क्या अछूत छितरे व्यक्ति हैं?
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मेरा उत्तर है "हाँ"। गाँव में बसने वाली जाति और अछूतों की गण देवों की भिन्न्ता ही इसका सर्वश्रेष्ठ प्रमाण होगी पर इस तरह का अध्ययन...
अध्याय 3: अछूत गाँव के बाहर क्यों रहते हैं?
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स्वाभाविक तौर पर इस बारे में किसी का कुछ सिद्धान्त नहीं है कि अछूत गाँव से बाहर क्यों रहने लगे। यह तो हिन्दू शास्त्रों का मत है और यदि कोई इ...
अध्याय 2 : हिन्दुओं में छुआछूत
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अशुद्धि के बारे में हिन्दुओं और आदिम तथा प्राचीन समाज के लोगों में कोई भेद नहीं है। मनु ने जन्म, मृत्यु तथा मासिक धर्म को अशुद्धि का जनक स...
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अध्याय 1: गैर हिन्दुओं में छुआछूत
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आदि मानव अशुद्धि के निम्नलिखित कारण समझता था; १. कुछ विशेष घटनाओं का घटना २. कुछ वस्तुओं से सम्पर्क ३. कुछ व्यक्तियों से सम्पर्क जीवन की...
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अछूत कोन थे ?? प्रस्तावना
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यह पुस्तक मेरी पुस्तक दि शूद्र-हू दे वर एंड हाउ दे केम टु बि दि फ़ोर्थ वर्ण ऑफ़ इंडो आर्यन सोसायटी, जिसका प्रकाशन १९४६ में हुआ था, का अंतः प...
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